पाँच इंद्रियों का उपयोग करके अपने मन के नियंत्रण से बाहर कैसे निकलें?
मन को दबाना नहीं, मन को समझना सीखिए हमारा मन बहुत शक्तिशाली है। कभी यह हमें पुरानी यादों में ले जाता है, कभी भविष्य की चिंता में उलझा देता है, कभी गुस्सा दिलाता है और कभी किसी इच्छा के पीछे भागने के लिए मजबूर करता है। कई बार हम जानते हैं कि किसी बात के बारे में बार-बार सोचना हमारे लिए अच्छा नहीं है, फिर भी हमारा मन उसी विचार को दोहराता रहता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? इसका एक कारण यह है कि हमारा ध्यान बार-बार उन्हीं विचारों, भावनाओं और अनुभवों की तरफ लौटता है जिन्हें हमारा मस्तिष्क महत्त्वपूर्ण मानता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि हम अपने ध्यान को प्रशिक्षित कर सकते हैं। इसके लिए हमारी पाँचों इंद्रियाँ एक व्यावहारिक साधन बन सकती हैं। असली स्वतंत्रता मन को पूरी तरह शांत कर देना नहीं, बल्कि मन में आने वाले हर विचार के पीछे चलने के बजाय अपनी प्रतिक्रिया चुनना है। 1. आँखों का उपयोग: जो सामने है, उसे देखना सीखिए जब हम चिंता में डूबे होते हैं, तब शरीर वर्तमान में होता है, लेकिन हमारा ध्यान अतीत या भविष्य में भटक रहा होता है। हम दुकान पर बैठे होते हैं, लेकिन मन किसी पुरानी बहस में उलझा र...