आपका मन ही आपकी सबसे बड़ी शक्ति है
सोच बदलती है तो दिशा बदलती है, दिशा बदलती है तो जीवन बदलने लगता है अमेरिका के अलबामा में 1880 में जन्मी हेलेन केलर की कहानी मानव मन की अद्भुत शक्ति को समझने के लिए दुनिया की सबसे प्रेरक कहानियों में से एक है। मात्र 19 महीने की उम्र में एक गंभीर बीमारी के बाद उनकी दृष्टि और श्रवण शक्ति चली गई। उनके सामने ऐसी दुनिया थी जिसमें वे न देख सकती थीं और न सुन सकती थीं। लेकिन उनकी कहानी उनकी शारीरिक सीमाओं की कहानी बनकर नहीं रह गई। उनकी कहानी इस बात की कहानी बन गई कि मनुष्य अपनी परिस्थितियों के भीतर भी संभावनाएँ खोज सकता है। जब ऐन सुलिवन उनके जीवन में आईं, तब हेलेन के लिए दुनिया को समझना बहुत कठिन था। वह बेचैन रहती थीं और हाथ के संकेतों का अर्थ नहीं समझ पाती थीं। फिर पानी के पंप के पास वह प्रसिद्ध क्षण आया जब ऐन सुलिवन ने उनके हाथ पर “water” का संकेत बनाया और पानी को उनके हाथ पर बहने दिया। अचानक हेलेन के मन में एक संबंध स्थापित हुआ— यह संकेत पानी को दर्शाता है। एक शब्द ने जैसे उनके सामने पूरी दुनिया का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद सीखने की उनकी यात्रा तेजी से आगे बढ़ी। उन्होंने भाषा सीखी, ...