अनुपस्थिति की शक्ति
Use Absence to Increase Respect and Honor इतिहास के पन्नों में कुछ लोग ऐसे हुए जिनकी ताकत केवल इस बात में नहीं थी कि वे लोगों के बीच कितनी देर रहे, बल्कि इस बात में भी थी कि वे कब पीछे हटे। जब कोई व्यक्ति हर समय सामने रहता है, हर प्रश्न का उत्तर देता है, हर बुलावे पर पहुँचता है और हर समस्या में खुद को शामिल करता है, तो धीरे-धीरे उसकी मौजूदगी सामान्य लगने लगती है। इंसान की मनोवृत्ति कुछ ऐसी है कि जो चीज़ लगातार मिलती रहती है, उसकी कीमत अक्सर कम महसूस होने लगती है। लेकिन वही चीज़ कुछ समय के लिए दूर हो जाए तो मन उसे खोजने लगता है। यही है— The Power of Absence. एक छोटी-सी ऐतिहासिक कहानी पुराने समय में राजाओं के दरबार में हर व्यक्ति राजा के पास कभी भी नहीं पहुँच सकता था। राजा से मिलने के लिए दूरी, नियम और समय निर्धारित होता था। क्यों? क्योंकि सत्ता केवल सिंहासन पर बैठने से नहीं बनती थी। दूरी भी सत्ता का हिस्सा थी। अगर राजा दिनभर हर व्यक्ति के बीच बैठा रहे, हर छोटी बात में शामिल हो और हर व्यक्ति को तुरंत उपलब्ध हो जाए, तो उसके पद की विशिष्टता कम हो सकती थी। इसलिए पुराने राजदरब...