इंसानों को समझने की कला — व्यवहार के पीछे छिपा मनोविज्ञान
“किसी के दिल में उतरना हो तो आवाज़ नहीं, अंदाज़ बदलिए, लोग शब्द नहीं भूलते, मगर एहसास कभी नहीं भूलते।” इंसान के साथ व्यवहार करना दुनिया की उन कलाओं में से एक है जिसका उपयोग हम जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक करते हैं। परिवार हो, व्यापार हो, नौकरी हो या मित्रता—हर जगह हमारी सफलता केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि हम कितना जानते हैं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि हम लोगों के साथ कितना अच्छा व्यवहार करना जानते हैं। Les Giblin की Skill With People इसी विषय को अलग-अलग अध्यायों के माध्यम से समझाती है—लोगों को समझना, उनसे बात करना, उन्हें महत्वपूर्ण महसूस कराना, सुनना, सहमत होना, प्रभावित करना, समझाना, प्रशंसा करना, आलोचना करना, धन्यवाद देना और अच्छा प्रभाव बनाना। लेकिन इन बातों को यदि आधुनिक मनोविज्ञान के साथ देखा जाए तो इनके पीछे मानव व्यवहार के कई महत्वपूर्ण सिद्धांत दिखाई देते हैं। इंसान सबसे पहले अपने महत्व को महसूस करना चाहता है रानी क्षेत्र के एक गाँव में मोहनलाल की छोटी-सी दुकान थी। एक दिन राजाराम दुकान पर आया और अपनी समस्या बताने लगा। मोहनलाल मोबाइल देखने के बजाय...