तुलना और सेल्फ कॉन्सेप्ट का संबंध
"आप अपने बारे में जैसा सोचते हैं, वैसा ही बनने लगते हैं। और जब आप लगातार दूसरों से अपनी तुलना करते हैं, तो धीरे-धीरे आपका सेल्फ कॉन्सेप्ट भी दूसरों की राय और उपलब्धियों पर आधारित होने लगता है।" सेल्फ कॉन्सेप्ट क्या है? सेल्फ कॉन्सेप्ट वह मानसिक तस्वीर है जो आपने अपने बारे में बना रखी है। जैसे— मैं बुद्धिमान हूँ। मैं मेहनती हूँ। मैं नेतृत्व कर सकता हूँ। मैं सीख सकता हूँ। यही विश्वास आपके निर्णय, व्यवहार और भविष्य को प्रभावित करते हैं। तुलना सेल्फ कॉन्सेप्ट को कैसे प्रभावित करती है? जब आप बार-बार किसी और से अपनी तुलना करते हैं, तो आपका ध्यान अपनी खूबियों से हटकर अपनी कमियों पर टिक जाता है। धीरे-धीरे मन में ऐसे विचार आने लगते हैं— "मैं उसके जितना अच्छा नहीं हूँ।" "मैं कभी सफल नहीं हो पाऊँगा।" "मेरे पास उतनी प्रतिभा नहीं है।" यदि ये विचार बार-बार दोहराए जाएँ, तो वे आपके सेल्फ कॉन्सेप्ट का हिस्सा बन जाते हैं। फिर आप अवसरों से बचने लगते हैं, जोखिम नहीं लेते और अपनी क्षमता से कम जीवन जीने लगते हैं। सकारात्मक तुलना कैसी हो? तुलना का स...