आदतें अकेले नहीं बनतीं: परिवार, मित्र और आपका वातावरण आपको कैसे बदलते हैं?
हम जैसा वातावरण देखते हैं, वैसा ही बनने की संभावना क्यों बढ़ जाती है? एक छोटी बच्ची रोज अपने पिता को टेनिस कोर्ट पर देखती थी। उसके सामने कोई बड़ी-बड़ी किताबें नहीं थीं, लेकिन एक निश्चित समय पर अभ्यास, बार-बार वही strokes, अनुशासन और लगातार मेहनत उसकी जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे थे। यही वातावरण आगे चलकर Venus और Serena Williams के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना। उनके पिता Richard Williams ने दोनों बेटियों को बहुत कम उम्र से टेनिस के अभ्यास और अनुशासन के वातावरण में रखा। आगे चलकर दोनों विश्व की महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल हुईं। अब भारत का एक प्रसिद्ध उदाहरण देखिए। सचिन तेंदुलकर के बचपन में उनके बड़े भाई अजीत ने उनकी क्रिकेट में रुचि को पहचाना और उन्हें कोच रमाकांत आचरेकर के पास ले गए। अभ्यास, अनुशासन और लगातार repetition धीरे-धीरे उनके जीवन का हिस्सा बनते गए। आचरेकर के प्रशिक्षण से जुड़ा प्रसिद्ध सिक्के वाला अभ्यास भी बहुत रोचक था—अच्छा प्रदर्शन करने पर सिक्का मिलता था और सचिन उन सिक्कों को संभालकर रखते थे। इन दोनों कहानियों में एक गहरी समानता है। बच्चे को केवल यह नहीं बताया...