सुकरात (Socrates)
सुकरात (Socrates) (लगभग 470 ईसा पूर्व – 399 ईसा पूर्व ) प्राचीन यूनान के महान दार्शनिक थे। उन्हें पश्चिमी दर्शन का जनक (Father of Western Philosophy) माना जाता है। उन्होंने स्वयं कोई पुस्तक नहीं लिखी। उनके विचारों को उनके शिष्य Plato ने अपने संवादों में संरक्षित किया। सुकरात के प्रमुख विचार "Know Thyself." "स्वयं को जानो।" उनका मानना था कि आत्म-ज्ञान ही सच्चे ज्ञान की शुरुआत है। "The unexamined life is not worth living." "जिस जीवन की जांच-परख नहीं की गई, वह जीने योग्य नहीं है।" "I know that I know nothing." "मैं इतना जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता।" यह विनम्रता और सीखते रहने की भावना का प्रतीक है। प्रश्न पूछने की कला (Socratic Method) सुकरात लोगों से लगातार प्रश्न पूछकर उन्हें स्वयं सोचने और अपने विश्वासों की जांच करने के लिए प्रेरित करते थे। सुकरात की मृत्यु 399 ईसा पूर्व में उन पर युवाओं को भ्रमित करने और नगर के देवताओं का सम्मान न करने का आरोप लगाया गया। उन्हें विषैले हेमलॉक का प्याला पीने की सज़ा ...