असली मर्द

असली मर्द पति को यूँ उदास देख नेहा से रहा नहीं गया उसके पास आकर बैठ गई और बोली-"क्या हुआ अमित?तबियत तो ठीक है?सुबह से कुछ ढंग से खाया भी नहीं और ऑफिस भी नहीं गए" "वो बस आज मन नहीं किया जाने का और कोई खास बात नहीं"अमित बात को टालते हुए बोला "जहाँ तक मैं जानती हूँ,तुम बेवजह कभी छुट्टी नहीं लेते जरूर कोई बात है।तुम्हें मेरी कसम है,बताओ क्या हुआ है?" नेहा का इतना बोलना ही था,कि अमित टूट गया और बच्चों की तरह बिलख- बिलखकर रोने लगा "ऐसा क्या हुआ अमित?"नेहा रुआंसी होकर बोली "नेहा,कल मेरी मेडिकल रिपोर्ट मिल गई थी।उसमें साफ लिखा है,कि मैं तुम्हे बच्चा नहीं दे सकता।अब तो मुझे अपने को मर्द कहने में भी शर्म आ रही है" "बस इतनी सी बात थी।ये कमी तो मुझमें भी हो सकती थी।जहाँ तक बात मर्द होने की है,तो बच्चा पैदा करने की ताकत से ही कोई मर्द नहीं होता। असली मर्द वो होता है,जो अपनी औरत को प्यार करे,उसकी हर छोटी बड़ी जरूरत को पूरा करे,सुख दुख में उसका ध्यान रखे और उसका सम्मान करे" "अमित तुम सिर्फ अच्छे पति ही नहीं अच्छे इंसान भी हो मेरे लिए यही बहुत है" कहकर नेहा ने अमित को अपनी बाँहों में भर लिया पत्नी का अपने लिए अटूट प्रेम व विश्वास देखकर अमित की आँखों में खुशी की लहर दौड़ गई कमलेश आहूजा 'कमल' मुम्बई (महाराष्ट्र)

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