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Showing posts from May, 2025

निंदा का फल

एक बार की बात है.. किसी राजा ने यह फैसला लिया के वह प्रतिदिन 100 अंधे लोगों को खीर खिलाया करेगा। एक दिन खीर वाले दूध में सांप ने मुंह डाला और दूध में विष डाल दी । ज़हरीली खीर को खाकर 100 के 100 अंधे व्यक्ति मर गए। राजा बहुत परेशान हुआ कि मुझे 100 आदमियों की हत्या का पाप लगेगा। राजा परेशानी की हालत में अपने राज्य को छोड़कर जंगलों में भक्ति करने के लिए चल पड़ा, ताकि इस पाप की माफी मिल सके। रास्ते में एक गांव आया। राजा ने चौपाल में बैठे लोगों से पूछा कि क्या इस गांव में कोई भक्ति भाव वाला परिवार है, ताकि उसके घर रात काटी जा सके? चौपाल में बैठे लोगों ने बताया कि इस गांव में दो बहन भाई रहते हैं जो खूब पूजा करते हैं। राजा उनके घर रात में ठहर गया। सुबह जब राजा उठा तो लड़की पूजा पर बैठी हुई थी । इससे पहले लड़की का रूटीन था कि वह दिन निकलने से पहले ही पूजा से उठ जाती थी और नाश्ता तैयार करती थी। लेकिन उस दिन वह लड़की बहुत देर तक पूजा पर बैठी रही। जब लड़की उठी तो उसके भाई ने कहा कि बहन तू इतनी देर से उठी है ।अपने घर मुसाफिर आया हुआ है और उसे नाश्ता करके दूर जाना है। लड़की ने जवाब दिया कि भैया ऊपर ...

हम एक निमित्त मात्र

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हम केवल निमित्त मात्र है इससे ज्यादा और कुछ नही बहुत ही ज्ञानवर्धक कथा जरूर पढे !  कोई भी छोटा बड़ा काम करो तो तुम ये कभी मत समझना की ये मैं कर रहा हुं या उसे अपने नाम से कभी मत रखना! एक धार्मिक स्थान पर एक सेठ जी भंडारा करते थे एक बार एक संत श्री वहाँ प्रसाद ग्रहण करने आये तो उन्होने देखा की सेठजी के मन मे अहंकार का उदय हो रहा है तो उन्होने कहा सेठजी बिना उसकी कृपा के हम कुछ भी नही कर सकते, उसकी कृपा न हो तो खिलाना तो बहुत दूर की बात सामने परोसी हुई थाली अरे थाली क्या हाथ मे लिया ग्रास भी हाथ मे रह जाता है। सेठजी आप यही सोचना की दाने दाने पर लिखा होता है खाने वाले का नाम अरे ये तो उसकी महानता है जो कर तो वो रहा है और नाम हमें दे रहा है! सेठजी जो काम राम जी को करना है वो तो वो करेंगे आप तो ये समझना की उन्होने इस धर्म कर्म के लिये मुझे चुना है यही मेरा परम सौभाग्य है! सन्त श्री तो कहकर चले गये पर सेठजी को ये हज़म नही हुआ कि दाने दाने पर भी भला खाने वाले का नाम लिखा होता है क्या? सेठ जी को भूख लग रही थी वो भण्डार कक्ष मे गये एक थाली मे भोजन लिया और मन मे सोचने लगे कि इस भोजन पर मेरा न...